शारीरिक शिक्षा

बालक बलवान बने, बलिष्ठ बने, अच्छा खिलाड़ी बने, उसकी शारीरिक क्षमताओं का विकास हो, ऐसा बालक ही देश और धर्म की रक्षा कर सकेगा। विद्या भारती के सभी विद्यालयों में सभी बालक शारीरिक दृष्टि से विकास करें, यह प्रयास एवं व्यवस्था की जाती है।

स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन निवास करता है। इसलिए छात्र स्वस्थ एवं निरोग होने चाहिए। अच्छे खिलाडि़यों की शारीरिक क्षमता भी अच्छे से विकसित होनी चाहिए। इस प्रकार के छात्र ही देष को शारीरिक दृष्टि से आगे ले जाने में समर्थ हो सकते हैं। विद्या भारती के सभी विद्यालयों में छात्रों के शारीरिक विकास के लिए सभी प्रकार के कार्यक्रम एवं सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस उद्देष्य की पूर्ति के लिए कक्षा अनुसार शारीरिक पाठ्यक्रम का निर्माण विषेषज्ञों द्वारा किया गया है। क्षेत्रीय स्तर पर प्रषिक्षण केन्द्र शारीरिक षिक्षा प्रदान करने के लिए स्थापित किये गये हैं। विद्या भारती द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर एक खेलकूद विभाग बनाया गया है। विद्या भारती को स्कूल गेम्स फेडरेषन आफॅ इंडिया से स्थाई सम्बद्धता प्राप्त हुई है।