विभिन्न क्षेत्र के अधिकारियों को जोड़ विद्या भारती पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए की तीन दिवसीय चिंतन बैठक

विद्या भारती की प्रांतीय इकाई सर्वहितकारी शिक्षा समिति पंजाब की शैक्षिक टोली की तीन दिवसीय (24-26 जून 2022). चिंतन बैठक पालमपुर, ज़िला कांगडा, हिमाचल प्रदेश में सम्पन हुई।

इस बैठक के पहले दो सत्र विद्या भारती पंजाब के विभाग एवं संकुल सचिवों के साथ एक साथ हुए। इन सत्रों में विद्या मंदिरों को कैसे उत्कृष्टाता का केंद्र बनाया जाए विषय पर इसरो के वैज्ञानिक डॉ सुदेश जी ने विभिन्न पक्षों पर प्रकाश डाला। प्रशासकीय कार्यों के साथ साथ शैक्षिक कार्यों में नवीनतम तकनीक के प्रयोग पर विशेष बल दिया।

प्रशासकीय कार्यों में निम्नलिखित बिन्दुओं को जोड़ने पर बल दिया
• रिपोर्ट तैयार करना
• दस्तावेज तैयार करना
• तकनीक का इस्तेमाल करना
• SOPs बनाना
• समय पर काम खत्म करना
• प्रशिक्षण
• काम का विभाजन
• संस्कार

इसके साथ ही डॉक्टर सुदेशजी ने पंजाब सुपर 100 एवं जीनियस परीक्षा के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए तुलनात्मक अध्ययन करने के लिए कहा। विद्यालय को उनकी समस्याओं को सूचीबद्ध कर भेजने के लिए कहा।

इस सत्र में श्री कृष्ण कुमार जी (इसरो वैज्ञानिक), श्री मनोज जी (इसरो वैज्ञानिक), डॉ परवीन जी, डॉ शिक्षा जी, श्री वासु योग जी, श्री सुभाष महाजन जी, डॉ नवदीप शेखर जी, श्री रमन सिक्का जी,श्री सुरेश सिंगला जी, आदरणीय विजय नड्डा जी और आदरणीय राजेंद्र जी विशेष रूप से उपस्थित रहे ।

तीसरे सत्र में हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ एच के चौधरी जी का प्रांतीय शैक्षिक टोली के साथ बैठना हुआ|

इस सत्र में विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री आदरणीय विजय नड्डा जी, क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख आदरणीय राजेंद्र जी, डॉ सुदेश जी (इसरो वैज्ञानिक), श्री कृष्ण जी (इसरो वैज्ञानिक), प्रवीण जी, डॉ शिक्षा जी, श्री मनोज जी, श्री सुरेश सिंगला जी, श्री वासु योग जी, श्री सुभाष महाजन जी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से डॉ अरुण शर्मा जी, तथा भीखी विद्यालय के प्रधानआचार्य डॉ गगनदीप पराशर जी भी उपस्थित रहे| सर्वप्रथम डॉ सुदेश जी (इसरो वैज्ञानिक) ने इगनाइटेड माइंड तथा विद्या भारती पंजाब द्वारा वर्तमान परिस्थितियों में शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए जो कार्य किए जा रहे हैं उनकी संक्षिप्त जानकारी वाइस चांसलर डॉ एच के चौधरी जी के समक्ष रखी बाद में डॉ एच के चौधरी जी ने विद्या भारती के कार्य की सराहना करते हुए तथा अपने जीवन से जुड़ी हुई कुछ उदाहरण देकर विद्या भारती से शिक्षा के व्यापक दृष्टिकोण को अपनाने पर बल दिया|

उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर ही हमें छात्रों के कैरियर संबंधी भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए | इसके अतिरिक्त इसी स्तर से बालकों में भिन्न भिन्न प्रकार के कौशलों के विकास पर भी ध्यान देना चाहिए | विद्या भारती पंजाब के पालमपुर में चल रहे शैक्षिक टोली के चिंतन शिविर के दूसरे दिन प्रांत शैक्षिक टोली की बैठक आदरणीय विजय नड्डा जी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई इस बैठक में इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ सुदेश जी ने विद्या भारती पंजाब के सभी विद्यालयों के समग्र विकास हेतु जो योजना बनाई गई है उसकी विस्तृत चर्चा की तथा विद्या भारती पंजाब में पिछले दिनों बनाए गए डिपार्टमेंट ओफ़ होलिस्टिक एजुकेशन के 22 प्रकार के भिन्न-भिन्न प्रकोष्ठों / प्रोजेक्टों की जानकारी सबके समक्ष रखी| इनमें मुख्य रुप से एस्ट्रोलॉजी सैल ,एटीएल सैल, सीएसआर सैल, ई-कॉमर्स सैल,एनवायरमेंट सैल, फॉरेन लैंग्वेज सैल, जीनियस सैल, पेरेंटिंग सैल, पेटेंट सैल, एसपीटी सैल, हेल्थ विजडम सैल, इंडस्ट्री सैल, आईटी सैल, प्रीमियम स्कूल सैल, प्रोडक्ट सैल, पंजाब सुपर हंड्रेड सैल, आर एंड डी सैल एवं यूनिवर्सिटी सैल हैं |

उपरोक्त के अतिरिक्त आर्ट सैल, स्पोर्ट्स सैल, स्पिरिचुअल सैल, इंक्लूसिव एजुकेशन सैल तथा ग्रीवेंस रिड्रेसल सैल भी स्थापित करने के सुझाव बैठक में आए |

भिन्न-भिन्न प्रकोष्ठों/ सैल के क्या कार्य रहेंगे, इस पर भी व्यापक जानकारी डॉ सुदेश जी ने रखी तथा कुछ प्रकोष्ठों के प्रमुखों की जानकारी भी दी, जिसमें यूनिवर्सिटी सैल के प्रमुख – श्री सुरेश सिंगला जी, फॉरेन लैंग्वेज के डॉ सौरभ शर्मा जी एवं उनके साथ वासु योग जी, हेल्थ विजडम सैल में डॉ शिक्षा जी सदस्य के नाते, पंजाब सूपर 100 में डॉ प्रवीण जी सदस्य के नाते एटीएल सैल के श्री कृष्ण जी (इसरो वैज्ञानिक) एवं श्री मनोज सिंघल जी डिपार्टमेंट ओफ़ होलिस्टिक एजुकेशन में सलाहकार के नाते रहेंगे | एनवायरमेंट सेल जल संरक्षण हेतु जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार की भी भिन्न-भिन्न योजनाओं एवं प्रकल्पों की जानकारी प्राप्त करके इस दिशा में कार्य करेगा|

डॉ सुदेश जी ने बताया कि पेटेंट सैल अभी 9 पेटेंट के ऊपर काम कर रहा है आने वाले समय में इससे रॉयल्टी भी प्राप्त हो सकती है |

विद्या भारती ने अपने स्तर पर अलग-अलग क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया है यदि सभी प्रकोष्ठ अपनी सक्षम टोली बनाकर तथा विद्या भारती द्वारा किए गए कार्य को साथ में जोड़कर आगे बढ़ते हैं तो निश्चित ही हमारे विद्यालय आर्थिक दृष्टि से आत्मनिर्भर बनेंगे और उनका समग्र विकास भी संभव होगा|

इस बैठक में आदरणीय विजय जी व डॉक्टर सुदेश जी के अतिरिक्त डॉ नवदीप शिखरजी, श्री सुभाष महाजन जी, डॉ मनोज जी, श्री कृष्ण कुमार जी, डॉ प्रवीण जी, डॉक्टर शिक्षा जी, डॉ रमन सिक्का जी, श्री सुरेश सिंगला जी, डॉ गगनदीप पराशर जी, श्री जगदीप पटियाल जी, श्री सुभाष भारद्वाज जी, श्री जितेंद्र शर्मा जी भी उपस्थित रहे| तीसरे दिन प्रांत शैक्षिक टोली की चिंतन बैठक का नए दायित्वों की घोषणा के साथ समापन हुया।

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